मंदिर में पवन कुमार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पीछे है प्रेत बाबा बाए है भेरो बाबा यामी है राम दरबार,

मंदिर में पवन कुमार,

लेके कर के दरखास जो भी आया दरबार में हो,

श्रद्धा और भाव लेकर खोया जो प्यार में हो,

छोटे छोटे से लाडू कर दे बाबा जादू,

चरना में झुके संसारी,

मंदिर में पवन कुमार...........

अर्जी पे अर्जी सुनता केसी पे केसी ले से,

भाजे से दहाड़ तेरी भुता पे गेरी दे से,

घूमे से सोटा तेरा लाल लंगोटा तेरा,

जे भी करे से स्वीकार,

मंदिर में पवन कुमार,

भवना में भोग लागे जागे से किस्मत सोती,

सारी दुनिया से बाबा तेरी निराली ज्योति,

कर दे से ठाठ बाबा करले जो बात बाबा,

भरे तेरे से भण्डार,

मंदिर में पवन कुमार,

सेवक निराला तेरा देख्या शिरस पुर वाला,

बरखा अशोक भगत की बाबा तने सब डाला,

देख्या दरबारी तेरा सच्चा पुजारी तेरा योगी से राम अवतार,.

मंदिर में पवन कुमार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।