श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे

यहाँ कण कण में राम,

यहाँ घर घर श्री राम,

यहाँ कल कल थल थल सरयू जल में राम,

रामायण गाये बदरिया धीरे धीरे,

श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे

सत पुरियो में अवथ पूरी है प्रभु श्री राम की जन्म भूमि है,

याहा सरयू नदियां पतितपावन नदियां यहाँ सान चढ़े प्राण तरे धीरे धीरे,

श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे,

राम जन्म भूमि की महिमा गाओ,

कनक भवन में शीश झुकाओ,

जय अयोध्या धाम जय जय श्री राम,

हनुमान गली में बजरंग बलि का करो दर्शन सफल हो जीवन धीरे धीरे,

श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे,

अवध की माटी का चन्दन लगाओ राम चरण में लग्न लगाओ,

सिया राम मिले हनुमान मिले,

सारे बिगड़ी बन जाए फिर धीरे धीरे,

श्री राम नगरी वसे सरयू के तीरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।