सारे रल मिल देयो नि वधाई यशोदा घर लाल ज़मिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारे रल मिल देयो नि वधाई यशोदा घर लाल ज़मिया,

नन्द घर नन्द गांव विच बजी शहनाई,

यशोदा घर लाल ज़मिया........

विष्णु दा अठवा होया अवतार जी,

धरती ते आया जग दा पालनहार जी,

तीन लोक पये करण वड्याई,

नन्द घर नन्द गांव विच बजी शहनाई......

मोर पंख दा मुकट बना के कान्हा दे मैं सिर ते सजा के,

हाथ निकी जाहि मुरली फडाई,यशोदा घर लाल जामिया,

नन्द घर नन्द गांव विच बजी शहनाई...

बिनु आखे कृष्णा तो मैं सद के मैं जावा,

देवकी नंदन दिया लवा मैं बलावा,

तेरी जय हो जय हो कृष्ण कन्हईआ,

यशोदा घर लाल जामिया,

नन्द घर नन्द गांव विच बजी शहनाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।