धन नानक तेरी वड्डी कमाई

पारंपरिक
अन्य गुरु वाणी गुरुदेव भजन guru-vani
॥ पावन पाठ ॥

वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ॥

धन नानक तेरी वड्डी कमाई॥

सिध बोलन शुभ बचनः ॥

तेरी वड्डी कमाई ॥

धन नानक तेरी वड्डी कमाई॥

सिध बोलन शुभ बचनः ॥

वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ॥

बाबे किती सिद्ध गोसट सबद सांत सिधा विच आई ॥

जिण मेला सिवरात दा खट दर्शन आदेश कराई ॥

तेरी वड्डी कमाई ॥

धन नानक तेरी वड्डी कमाई॥

सिध बोलन शुभ बचनः ॥

वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ॥

वड्डा पुरख परगटिया कलजुग अंदर ज्योत जगाई॥

मेलियो बाबा उठया मुल्ताने दी जारती जाई॥

तेरी वड्डी कमाई ॥

धन नानक तेरी वड्डी कमाई।।

सिध बोलन शुभ बचनः ॥

वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ॥

अगों पीर मुल्तान दे दूध कटोरा भर लै आई ॥

बाबे कढ़ कर बगल ते चम्बेली दूध विच मिलाई॥

जिऊ सागर विच गंग समाई ॥

तेरी वड्डी कमाई ॥

धन नानक तेरी वड्डी कमाई॥

सिध बोलन शुभ बचनः ॥

वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु ॥

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखण्ड , ८२५३२०

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।