मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

अरे टोली दीवनो की आज ये झूमने है आई,

आँखों से नींद उडी अब होश नहीं साई,

बेताव दीद की थी नजरे दीवानी ये,

मुदत से न देखा था चेहरा नूरानी ये,

बड़े भोले है हस्ते है सुनके सबकी साई साई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

तेरे नाम की नग्मों की लेहरो में रहु बेहता,

गा गा के तेरी महिमा दुनिया से रहु कहता,

दुनिया को भूल के मैं गाउ साई साई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

तेरी महिमा सुन सुन के पापी भी आते है,

सिर कदमो पे रख के माफ़ी पा जाते है,

आने से कदमो में जन्नत है मिली साई साई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

तू शान में अवल है तेरा रूप निराला है,

तू दया का सागर है सबका रखवाला है,

दिन रात ही गाते है बस नाम साई साई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

तेरे नाम की संध्ये घर घर में होती है,

पंडालों में सज के भजनो को पिरोती है,

इक सच्चा नाम तेरा सब जपते है साई ,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।