दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन रानी सती दादी भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

दिन में मंगल पाठ करा सा कीर्तन सारी रात,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

गणपत न्योता हनुमत न्योता श्याम धनि में भुलावा जी,

चन्दन जी ने हेलो महारा न्योता भोला नाथ,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

रमा कांत जी के हाथ से सूंदर पाठ लिखाई सी,

पाठ कार्निया पावे दादी परचा हाथो हाथ,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

हर उस्तव में दादी थारो मंगल पाठ करावा जी,

अष्ट सीधी नव निधिया की दो म्हणे सौगात,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

चौदस थी ज्योत जलावा अमावस भोग लगावा जी,

मेहना बर में करता रह सा मायड़ थी बात,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

चुनड़ लयावा चुड़लो ल्यावा रोली मेहँदी ल्यावा री,

रजनी गेहँदा मोह गहरा को क ल्यावा गजरो साथ,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

टाबर था भोला ढाला चरण चाकरी रखली रे,

कैलाशी ने बना ले चाकर सदा राखी जे साथ,

दादी करवा दे महरा ठाठ मैं करवा सा मंगल पाठ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।