जब से दिखिया दरबार बाबा घाटे आले का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जब से दिखिया म्हणे दरबार बाबा घाटे आले का,

बाबा घाटे आले का बाबा घाटे आले का,

जगती ज्योति अखंड भवन में,

भगत रहे से लील भजन में,

करे गुण गान सभी नर नार बाबा घाटे वाले का,

जब से दिखिया दरबार बाबा घाटे आले का,

मनमोहनी प्यारी सी सूरत,

सजी हुई बाबा की मूरत,

जन का खुला हुआ भंडार बाबा घाटे आले का,

मेहंदीपुर भर मेला भारी,

करते पूजा हवन पुजारी,

बरसे सब भक्ता पे प्यार बाबा घाटे आले का,

जब से दिखिया दरबार बाबा घाटे आले का,

कप्तान शर्मा भी हुआ दीवाना,

जो रह इस मई ला हरयाणा,

करते हर्ष जतिन प्रचार बाबा घाटे आले का,

जब से दिखिया दरबार बाबा घाटे आले का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।