आजा लौट के साई

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आजा लौट के साई याद तेरी आई कहा गये साई,

मनवा बोले साई साई आजा मोरे साई,

सुना लागे अब द्वारका माई साई राम,

ये कैसी जुदाई हम बच्चो की याद क्यों न आई हे साई राम,

साई बिन वीरान है शिरडी नगरियां तुम बिन लेगा कौन बच्चो की खबरिया,

सुना सुना लागे आज मोहे गुरु स्थान साई की चावड़ी पड़ी है वीरान,

देदे विक्शा माई कहते थे साई लीला रचाई,

मनवा बोले साई साई आजा मोरे साई,

सुना लागे अब द्वारका माई साई राम,

जिस पत्थर पे तुम विराजे वो भी बोले साई,

शिरडी की पावन भूमि वोले साई साई,

नदी गोदावरी का तट भी बोले साई,

तेरे चूले चकी बोले कहा गये साई,

शिरडी में धुनि रमाई तुमने बाबा साई,

ज्ञान ज्योत जलाई.

मनवा बोले साई साई आजा मोरे साई,

सुना लागे अब द्वारका माई साई राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।