मेरे घर जा ने भेजा भुलावा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

यो तने भुलावे देसी जाट रे बाबा आके लगा दे ठाट रे,

तेरी सुबह करू सुबह शाम ने,

मेरे घर जा ने भेजा भुलावा तू आजा बाबा मेरे गांव में,

माहरे गांव में बैसाख जीना खीर बना के तने जिमाओ मस्ती में रहना,

तेरे भोग लगाओ सुबह शाम रे तू बैठा करिये आराम रे,

तेरे बिना न जी लागे काम में,

मेरे घर जा ने भेजा भुलावा तू आजा बाबा मेरे गांव में,

गांव मेरे देसी खाना देसी रहना,

बालाजी महाराज करले आना जाना,

तू िब तक क्यों नहीं आया,

तेरा लागे सको ये किराया,

तेरी बात देखु बाबा खड़े धाम में,

मेरे घर जा ने भेजा भुलावा तू आजा बाबा मेरे गांव में,

संजय शर्मा तेरे नाम की जप्त माला,

राकेश भाटी का तू से रखवाला,

यु सोनू को थारा अकेला गुरु राजेंदर कासे चेला,

तू अजा माहरणे गांव में,

मेरे घर जा ने भेजा भुलावा तू आजा बाबा मेरे गांव में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।