भक्तो थोड़ा ताली भजा के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया के चरणों में सिर को झुका के भेट नारियल चुनड़ी चढ़ा के,

नाचो रे हिला कर कमरिया भजन शेरावाली के गा के,

भक्तो थोड़ा ताली भजा के,

उचे पहाड़ो पे दर मैया का भगतो न गबरना,

जय जय नाम मैया का लेते चलते जाना,

देदे की दर्शन मेरी मैया चलो भगतो शीश निभा के,

भजन शेरावाली के गा के ....

मैया की चुनरी चम चम चमकी,

हाथो में खनके कंगना पाव में पायल छम छम छनके नाचू मैं मैया जी के अंगना,

खुश हो जाए मेरी मैया जैकारे मेरी माँ के लगा के,

भजन शेरावाली के गा के

सोमय तुझको दिल से पुकारे शेर सवारी से आजा,

तेरे दर्श की आस में मैया पलके विछाये अखिल राजा,

पार लगा दो नैया ओ मैया थोड़ा हाथ बड़ा के ओ मैया मुझे गोदी में बिठा के,

भजन शेरावाली के गा के ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।