बाबा श्याम खाटू धाम मने भी भुलालो जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा श्याम खाटू धाम मने भी भुलालो जी,

मैं भी तो बालक हु थारो सेवा में लगा लो जी

चर्चा बड़ी है थारी चारो दिशाओ में,

नूर थारो कण कण में है खुशबु हवाओ में,

चरना में पड़ो रहु मैं चाकर थे बना लो जी ,

मैं भी तो बालक हु थारो सेवा में लगा लो जी

चाँद तारे सूरज सारे थारे दम से चमके,

भगता ऋ फुलवारी थारी किरपा से महके,

घडी दो घडी ही सही नैना तो मिला लो जी,

मैं भी तो बालक हु थारो सेवा में लगा लो जी

पार लगाओ नैया माहरी माझी बन जाओ थे,

मोहित ऋ मनु हार बाबा दुखड़ा मिटाओ से,

चोखानी नादान शयम थोड़ो तो निभा लो जी,

मैं भी तो बालक हु थारो सेवा में लगा लो जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।