बाबो छोड़ सालासर धाम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबो छोड़ सालासर धाम,

आ बैठ रे पैडलिया कने ,

बाबो छोड़ सालासर धाम,

ढुमक ढुमक बाबा नाचे रे गावे,

भगता में बाबा जोश जगावे,

के कर लो रे परशान,

आ बैठ रे पैडलिया कने ,

बाबो छोड़ सालासर धाम,

भक्ता कारण बाबो रास्ता में आवे,.

सुनतेया ने आन जगावे देवे चौदस ने दर्शन आप.

आ बैठ रे पैडलिया कने ,

बाबो छोड़ सालासर धाम,

सब भगता मिल संग में चालो,

सिरसा वालो अब के हालो,

बाबो करसि माला मॉल

आ बैठ रे पैडलिया कने ,

बाबो छोड़ सालासर धाम,

कोई ढोल मजीरा भजावे,

कोई दी जे साथ ले आवे,

विनोद गा के नचावे आज,

आ बैठ रे पैडलिया कने ,

बाबो छोड़ सालासर धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।