खाटू में एक रहता मुरली वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू में एक रहता मुरली वाला,

रूप सलोना रंग है जिसका काला,

नैन कजरारे है लट घुंगराले है,

श्याम सूंदर मेरे वो मेरे प्यारे है,

खाटू में एक रहता मुरली वाला,

शीश पे सेहरा है गल हार पड़े,

बाबा चमक रहा है सिर पे हीरे जड़े,

नैन कजरारे है प्यारा मोर मुकट,

पाओ पायल भजे हाथ कंगन पड़े,

सांवरिया अहिलवती का लाला,

रूप सलोना रंग है जिसे का काला,

नैन कजरारे है लट घुंगराले है.......

खूबसूरत देखु तेरा दरबार है,

सिर पे नुबत भजे होती जय कार है,

ये मुरारी करे पाँचो ही आरती साथी हारे का कलयुग का अवतार है,

श्याम अवतार है तेरा तीनो लोको में उजलाया,

रूप सलोना रंग है जिसे का काला,

नैन कजरारे है लट घुंगराले है.......

ये बैरागी कहे बाबा दिल दार है सच्चा प्रेमी है ये यारो का यार है,

नीले घोड़े पे ये तीन बाण लिए शीश का दानी है लखदातार है,

हम को प्रेमी चाहते प्रेम का प्याला,

रूप सलोना रंग है जिसे का काला,

नैन कजरारे है लट घुंगराले है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।