इतनी सी विनती मेरी शिर्डी वाले

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

इतनी सी विनती मेरी शिर्डी वाले,

तू भी संभाले के मेरा कोई नहीं है

अँधेरी जिंदगी में साईं कर दे उजाले,

चरणो से लागले के मेरा कोई नहीं है

साईं इस जमाने ने खूब रुलाया

जिसका जितना दिल किया, उतना ही सताया

चाँद जैसा रूप जग का, दिल है काला

इतनी सी विनती मेरी शिर्डी वाले...

दिल में उमीदें हैं, अखिओं में है पानी

कह रहे हैं तुमसे हम दिल की कहानी

मैं अभागा मुझ को साईं दर पे बुला ले

इतनी सी विनती मेरी शिर्डी वाले...

रखी साईं तूने हर भक्त की ही लाज है

जग से क्या है लेना, जब तू ही नाराज है

बक्श साईं ज्योति से जयित मिला ले

इतनी सी विनती मेरी शिर्डी वाले...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।