गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा,

तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम,

प्रीतम हो तुम्ही प्राण नाथ तुम्ही,

तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम,

तुम्ही भक्ति हो तुम ही शक्ति हो,

तुम्ही मुक्ति हो मेरे शम्ब शिवा,

गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा,

तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम,

तुम ही परेणा तुम ही साधना,

तुम ही आराधना मेरे संब शिवा,

गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा,

तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम,

तुम ही प्रेम हो तुम ही करुणा हो,

तुम ही मोक्ष हो मेरे संब शिवा,

प्रीतम तुम ही हिरदये नाथ तुम ही,

तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।