भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से,

आओ मेरी आँख के तारो कहा गये मेरे प्यारो,

भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से,

सब धर्मो का धाम शिरडी ही एक धाम है,

ईश्वर अल्ल्हा नानक सब में साई राम है,

साई कलयुग के अवतार कफनी है उनका शृंगार,

भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से,

देखो पानी से दीपक कैसे जल रहा,

द्वारका माई में साई धुनि रम रहा,

शिरडी की अजाब नजारे है भगतो की लगती कतारे है,

भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से,

साई के दरबार में जो भी रोगी आ ता है,

साई की भुटटी से वो रोगो को मिटाता है ,

मुर्दो में भी ढाली जान साई लीला बड़ी महान,

भुलाये साई बाबा अपने बच्चो को शिरडी से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।