मन मंदिर है द्वारका माई

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मन मंदिर है द्वारका माई,

जिसमे रहते है बाबा साई,

साई साई तू बोल मन मंदिर तू खोल,

तुझे मिल जायेगे राम साई,

तन है तेरा शिरडी गांव साई सत्संग है नीम की छाँव,

प्रेम सब से करो साई ध्यान धरो साई बाबा की है सौगात,

इक हाथ है श्रद्धा सबुरी दूजा तेरा हाथ,

मन मंदिर है द्वारका माई....

तू ना माने कोई जात पात,

हिन्दू हो जा मुसलमान साई रखते सबका मान,

साई की फकीरी है शान,

वही राम रेहमान भक्तो तुम लो जान

मन मंदिर है द्वारका माई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।