बोलो सदा जयकार शिरडी साई बाबा की

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बोलो सदा जयकार शिरडी साई बाबा की,

जब जब होये धर्म की हानि,

नाक से ऊपर बढ़ जाए पानी,

तब होये अवतार शिरडी साई बाबा की,

बोलो सदा जयकार शिरडी साई बाबा की,

सतगुरु साई को मन में वसा के,

निष् करो पूजन दर पे आके,

आओ शरण सुबहो शाम शिरडी साई बाबा की,

बोलो सदा जयकार शिरडी साई बाबा की,

साई साई नाम जो ध्यावे,

संकट उसके पास न आवे,

महिमा गाओ दिन रात शिरडी साई बाबा की,

बोलो सदा जयकार शिरडी साई बाबा की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।