साई राम तुम्हारी शिरडी में

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

साई राम तुम्हारी शिरडी में मुझे मेरे चारो धाम मिले,

आंगन में द्वारका माई के कही राम मिले कहे श्याम मिले,

उस नीम की छाँव का क्या कहना जिस नीम के निचे तुम बैठे,

होती है बड़ी ही हैरानी उस नीम के पते है मीठे,

इस शीतल छाँव में आते ही मेरे मन को आराम मिले,

साई राम तुम्हारी शिरडी में मुझे मेरे चारो धाम मिले,

इक झलक तुम्हारी देखो तो तुम भोले नाथ नजर आये,

दो पल में फिर बनकर विष्णु लक्ष्मी के साथ नजर आये,

की बंध पलके तो पलकों में मुझे साई तुम्हारे राम मिले,

साई राम तुम्हारी शिरडी में

ये स्वर्ग बसा कर शिरडी में भक्तो पे बड़ा उपकार लिया,

सच कहो भुला कर मुझको यह तुमने मेरा उधार किया,

जब घर लौटे तो शिरडी से मुझे बने हुए सब काम मिले,

साई राम तुम्हारी शिरडी में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।