एक चिठ्ठी आई है माँ ने भिजवाई है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

एक चिठ्ठी आई है माँ ने भिजवाई है,

संदेसा आया है माँ का आया है भुलावा,

सब हो जाओ त्यार करलो माँ की जैकार,

किस्मत वाला है जो उसे मैया ने भूल्या,

छोड़ दे तू सारी दुनियादारी,

लेले मैया जी का तू नाम आया है नंबर इस वारि चिठ्ठी में लिखा तेरा नाम,

तो चलो माँ के धाम रे जय माता दी बोल के,

तो लेलो माँ का नाम रे जय माता दी बोल के

मुझको भी एक बार भेज भुलावा शेरावालिये,

तेरे भगत में नाम मेरा लिख ले ओ ज्योति वालिये,

पैदल में आउ चढ़ के चढाई ओ पहाड़ावालिये,

तेरे भगत में नाम मेरा लिख ले ओ महरा वालिये,

इक थाल सजा लेना चुनड़ी लाल सजा लेना,

मैया के मंदिर में बड़े भाव से चढ़ाना,

हीरे न देखे गई मोती न देखे गई देखे गई बस तेरे प्रेम का खजाना,

सौरव मधुपर माता के दर पर तेरे काम बनगे बिगड़े काम,

ऐसी दयालु है माता रानी हाथो को पल में तेरे लेंगी थाम ,

तो चलो माँ के धाम रे जय माता दी बोल के,

तो लेलो माँ का नाम रे जय माता दी बोल के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।