लिखा लिखा पग पग में खाटू धाम है लिखा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हु मैं पागल दीवाना जले चाहे ये ज़माना,

मेरी श्याम से यारी मैं भुला दुनिया दारी,

मेरे रोम रोम में सांवरिया का नाम है लिखा,

लिखा लिखा पग पग में खाटू धाम है लिखा,

हो मैं तो जय बाबा की बोलू खाटू की गलियों में डोलू,

आलू सिंह जी के चरणों में श्याम बगीची जाके सो लू,

मेरे हाथो की लकीरो में भी श्याम है लिखा,

लिखा लिखा पग पग में खाटू धाम है लिखा,

मैंने बाँधी बाँधी डोर जब से बाँधी प्रेम की डोर,

बाबा ने है प्रेम निभाया देदी मुझको शीतल छाया,

क्या मांगू हर सुख है तमाम लिखा,

लिखा लिखा पग पग में खाटू धाम है लिखा,

मेरी हो गई चांदी चांदी क्या करना बन के फरयादी,

मेरे दिल का चमन खिला ऐसा मालिक मुझे मिला,

सच्चे प्रेम का चोखानी ये अंजाम है लिखा,

लिखा लिखा पग पग में खाटू धाम है लिखा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।