याद आता है मुखड़ा वो तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद आता है मुखड़ा वो तेरा,

नींद उडी है उड़ गया चैन मेरा,

इतना बता दे कैसे भूलू मैं तुझको,

इक नजर में कैसे तूने लूट लिया मुझको,

लाख भुलाया फिर भी याद किया तुझको,

आँखों आँखों में होता है सवीरा,

नींद उडी है उड़ गया चैन मेरा,

बांकी अदा वाले मेरे बांके बिहारी,

तेरे नाम करदी मैंने ज़िंदगी ये सारी,

कर गई पागल तेरी मुरली मुरारी,

सारे जग में इलाज नहीं मेरा,

नींद उडी है उड़ गया चैन मेरा,

मेरे पास आजा या तू मुझको भुला ले,

मुझको भी अपना बनाने मुरली वाले,

मेरे पास आजा या तू मुझको भुला ले,

विष्णु को अपना दास बनाले,

सांस सांस मेरी है तेरा हवाले,

तेरी यादोने आके मुझे गेरा,

नींद उडी है उड़ गया चैन मेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।