॥ पावन पाठ ॥
कमजोरो के है साथी,हारे के है सहारे,
करे किरपा श्याम बाबा जो नईया लगे किनारे,
खाटू श्याम बाबा जैसा न कोई दानी,
इतनी अठाल महिमा सागर में जैसे पानी,
है श्याम के अवतारी जग पालक है न्यारे,
करे किरपा श्याम बाबा जो नईया लगे किनारे,
जिस ने दिया प्रभु को सर दान में है अपना,
कैसे न करे गा वो पूरा किसी का सपना,
इनके तू द्वार आकर सच कर ले खवाब सारे,
करे किरपा श्याम बाबा जो नईया लगे किनारे,