जे श्यामा तेरा हुक्म होवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर दी खाक बन जावा

जे श्यामा तेरा हुक्म होवे

नाम तेरे दी भूख वे श्यामा

दे दर्शन दा सुख वे श्यामा

मैं चरनी लग के पाक हो जावा

जे श्यामा तेरा हुक्म होवे

राता कालिया दिसदी मैनु

नागा वांग ड्सदी मैनु

तेरे दर दी दास हो जावा

जे श्यामा तेरा हुक्म होवे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।