आता हु शिरडी सिर्फ तुमसे मांगने

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कहता न साईं तुम जग के सामने,

आता हु शिर्डी बस तुम से मांगने,

जग जान जो जाएगा मेरी हँसी उडायेगा,

तेरा ही सहारा है तुम को ही पुकारा है,

कहता न साईं तुम जग के सामने,

हमे साईं चरणों से दूर नही करना,

राह से कभी भटकू तो तुम थाम लेना,

संतोश यही मन में तुम हो मेरे जीवन में,

तेरा ही सहारा है तुम को ही पुकारा है,

कहता न साईं तुम जग के सामने,

नैनो से अंसुसो की धार बह रही है,

बह बह के दिल की सचाई कह रही है,

मेरे दिल में समा जाओ मुझे अपना बना जाओ,

तेरा ही सहारा है तुम को ही पुकारा है,

कहता न साईं तुम जग के सामने,

सपनो में आते हो पर सच में पीया न,

भूल अगर मुझसे हो जाए दिल से भुलालेना,

नादान समज ले लेना मुझे गोद में ले लेना,

तेरा ही सहारा है तुम को ही पुकारा है,

कहता न साईं तुम जग के सामने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।