मैया जी जाना नहीं मुझे छोड़ के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी मैया जी जाना नही मुझे छोड़के,

मैया मेरी आना,भूल नही जाना,

मुझे याद रखना,कही भूल नही जाना,

मैयाजी मैयाजी,जाना नही मुझे छोड़के,

मैया मेरी आना,भूल नही जाना,

मुझे याद रखना,कही भूल नही जाना,

मैंनें तुमको पूजा ,तूमपे ऐतबार किया,

अपना तन मन तुझपे वार दिया,

बन गया जोगी,मैने जोग लिया,

तेरे प्यार मे मैने ये रोग लिया ,

जब भी मैं बुलाऊँ,दौड़ के आना,

मुझे याद रखना ,भूल णा जाना,

मैयाजी मैयाजी,जाना नही मुझे छोड़के,

मैया मेरी आना,भूल नही जाना,

मुझे याद रखना,कही भूल नही जाना,

हरपल मेरि याद तुम्हे तड़पायेगी,

मैं रौउन्गा,आंखें तेरी भ्हेग जायेंगी,

छोडकर इस हाल मे मैया मुझे,,तूं बड़ा पछताएगी

मैयाजी मैयाजी,जाना नही मुझे छोड़के,

मैया मेरी आना,भूल नही जाना,

मुझे याद रखना,कही भूल नही जाना,

तुमक्या जानो,मैनें कितने दुख उठाये है,

आकर के देखो,दुनिया नें कितने सितम ढाये हैं,

तेरे ही चाहने वाले मुझे रुलाते है,

बाद मे आँसू पोंछने आते हैं

रून था जितना मै रो चुका ,अब तो मैया हँसाने आ जाना

मै तेरा बता हूँ,अब तो मान लो मैया,

आकर माँ का फर्ज निभा जाना

मैयाजी मैयाजी,जाना नही मुझे छोड़के

मैया मेरी आना,भूल नही जाना,

मुझे याद रखना,कही भूल नही जाना,

भेंट कर्ता ,-राजीव राय झंडेवाला

9013234165, 8920912060

RAJIVAIIMS. [email protected]

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।