श्याम के दर पे जबसे जाने लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- क्या से क्या हो गया देखते देखते

जग ने रुलाया, जग ने हराया,

हार के जग से, दर तेरे आया,

दर पे मैं आया, दिल से रिझाया,

सांवरिया ने, गले से लगाया,

वो जो सोचा ना था मैंने जीवन मे,

पा लिया तुमसे वो, देखते देखते,

श्याम के दर पे जबसे हम जाने लगे,

क्या से क्या हो गए देखते देखते,

वो जो किस्मत में ना थी खुशिया कभी,

पाई है सारी वो, देखते देखते,

आया जब जब भी कोई संकट बड़ा,

पाया मैंने ना कोई अपना खड़ा,

टूट टूट के मैं जब गिरता गया,

श्याम दर पे तुम्हारे आके पड़ा,

सिर पे मेरे जो तूने हाथ रखा,

खड़ा मैं हो गया, देखते देखते,

है जो हाथ तेरा अब सर पे मेरे,

मुझको जीवन मिला, देखते देखते,

तेरी कृपा से ही, महका जीवन मेरा,

सांस सांस मेरी, लेती नाम तेरा,

कैसे बोले "गोपाल", मिला कितना उसे,

भूल ना पायेगा, एहसान तेरा,

आंसू आंखों में आये जमाना हुआ,

महका जीवन मेरा देखते देखते,

जब भी सांस मेरी श्याम हो आखरी,

निकले सूरत तेरी, देखते देखते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।