सुख दुःख प्रभु पे छोड

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरे राम, राम राम, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ।

हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे॥

सुख दुःख प्रभु पे छोड , प्रभु से प्रेम करो,

प्रभु नाम चदरिया ओढ़ , प्रभु से प्रेम करो,

सुख दुःख प्रभु पे छोड , प्रभु से प्रेम करो॥

राम नाम की ओढ़ चाहे , कृष्ण नाम की ओढ़,

सत्य प्रभु का नाम है , सत्कर्मों से जोड,

भेद भाव सब तोड़ ,प्रभु से प्रेम करो,

सुख दुःख प्रभु पे छोड , प्रभु से प्रेम करो॥

सुख भी हिस्सा है जीवन का , दुःख भी हिस्सा है,

रोना हसना लाभ हानि , जीवन का किस्सा है,

प्रभु में तन मन को मोड़ ,प्रभु से प्रेम करो,

सुख दुःख प्रभु पे छोड , प्रभु से प्रेम करो॥

सुख में क्यों हरसाये और , दुःख में क्यूँ घबराये,

जैसे दिन के बाद रात , वैसे सुख दुःख आये जाये ,

प्रभु प्रेम का नाता जोड़ , प्रभु से प्रेम करो।

सुख दुःख प्रभु पे छोड , प्रभु से प्रेम करो॥

Singer/Composer- Satyam Anandjee

Lyricist- K.S Hari Premi

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।