ओ मैया प्यारी

प्रभाकर कुमार
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ मैया प्यारी़,

ओ आये तेरे दर हम,

ओ गाये तेरे भजन ,

ओ निसदिन तुझे पुकारे मन हो,

तेरी ही आँगन में बचपन खेला,

खिलती गयी जिंदगानी,

तुने सब कुछ दे दिया, कैसे करूँ शुक्रिया,

अब दे दो तू अपनी दर्शन हो,

ओ मै़या प्यारी,

ओ आये तेरे दर हम,

ओ गाये तेरे भजन ,

ओ निसदिन तुझे पुकारे मन हो,

एक अभागन बनी सुहागन,

तेरे ही दर पे आके,

एक भक्त पुकारे आज,

सुनके उनकी पुकार,

ले लो अपनी तु उनको शरण हो,

ओ मै़या प्यारी,

ओ आये तेरे दर हम,

ओ गाये तेरे भजन ,

ओ निसदिन तुझे पुकारे मन हो,

भक्तों ने तेरे दर आ गया है,

तेरे ही दरश पाने को,

दरश दे दो ओ माता,

तुझसे कहता ये बेटा,

तरसे तेरे दरस को नयन हो,

ओ मै़या प्यारी,

ओ आये तेरे दर हम,

ओ गाये तेरे भजन ,

ओ निसदिन तुझे पुकारे मन हो ,

जय माता दी

रचना- प्रभाकर कुमार

माँ काली मंदिर , मालवीया नगर, सोहजाना

गिद्वौर जमुई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।