गोविन्द गोपाल गाइये जी

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोविन्द गोपाल गाइये जी

भजो नन्द के लाल नित्य गाइये जी

मुरलीधरा मोहन मदन मुरारी

बंशीधर ब्रजराज बांके बिहारी

हिरदय में हरी को बसाइये जी

भजो नन्द के लाल नित्य गाइये जी

राधा रमन हरी गोविन्द जय जय

गोविन्द जय जय गोपाल जय जय

गोकुलेश गोपीनाथ गोवर्धन धारी

कृष्णा कलाकुंज काली मनहारी

चरणो में चित्त लगाइये जी

भजो नन्द के लाल नित्य गाइये जी

गोविन्द गोपाल गाइये जी

ओम नमो भगवते वासुदेवाय

वासुदेवाय मेरो कृष्णा चन्द्राय

दामोदर दीन दयाल दुखहारी

भयभव मोचन भगतन हितकारी

हरे कृष्ण कृष्ण दोहराइए जी

भजो नन्द के लाल नित्य गाइये जी

गोविन्द गोपाल गाइये जी

राधा रमन हरी गोविन्द जय जय

गोविन्द जय जय गोपाल जय जय

नन्द किशोर नवनीत नटनागर

श्याम स्वरुप हे सत्य सुख सागर

कबहुँ न नाम बिसराइये जी

भजो नन्द के लाल नित्य गाइये जी

गोविन्द गोपाल गाइये जी

संपर्क - +919830608619

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।