शिरडी का मेला

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी का मेला मुझसे कही छुट न जाए,

क्यों गाडी लेट चलाये क्यों गाड़ी लेट चलाये,

साईं राम कहिये राम कहिये,

साईं से मेरी लग्न लगी है मुझको शिर्डी जाना है,

प्यार की भीख वही से लेकर मुझको जल्दी आना है,

देख के इस रफ़्तार को तेरी दिल मेरा गबराए,

शिर्डी का मेला मुझसे कही छुट न जाए,

क्यों गाडी लेट चलाये क्यों गाड़ी लेट चलाये,

शिर्डी मगरी का मेला कोई भी भूल न पाए,

जिसको दुनिया ठुकराए साईं जी गले लगाये,

हर इक स्टेशन पे रुक रुक में क्यों मेरा वक़्त गवाए,

शिर्डी का मेला मुझसे कही छुट न जाए,

क्यों गाडी लेट चलाये क्यों गाड़ी लेट चलाये,

वक़्त के साथ में चलना सीखो करो न लेट गाडी,

मुझको दर्शन नही हुए तो आगे तेरी वारि,

शेश आरती तक पोंछा दे दिल क्यों मेरा दुखाये,

शिर्डी का मेला मुझसे कही छुट न जाए,

क्यों गाडी लेट चलाये क्यों गाड़ी लेट चलाये,

चावडी में जब साईं बाबा आके चिलम लगाये,

साईं मेले में जो जाये जाये देख के आये,

दवारका माई देवकुल में भी भाग मेरा बन जाए,

शिर्डी का मेला मुझसे कही छुट न जाए,

क्यों गाडी लेट चलाये क्यों गाड़ी लेट चलाये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।