श्याम तेरा जय कारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शीश के दानी महाबल वाणी खाटू वाले श्याम तेरा जय कारा है,

जय कारा है जयकारा श्याम धनि का जयकारा,

त्रेता युग में राम बना द्वापर में घनश्याम बना,

अपने भगतो के खातिर आज तू बाबा श्याम बना,

कोई नहीं है इस कलयुग में तुमसे देव महान तेरा जयकारा है,

शीश के दानी महाबल वाणी खाटू वाले श्याम तेरा जय कारा है,

नाम की महिमा भारी है लीले की असवारी है,

इनमे कोई शक ही नहीं तू कलयुग अवतारी है,

खाटू जैसा गांव भी बाबा बन गया तीर्थ धाम तेरा जयकारा है,

शीश के दानी महाबल वाणी खाटू वाले श्याम तेरा जय कारा है,

घर घर पूजा होती है घर घर कीर्तन होते है,

अहो भगाये तीनो का तेरे दर्शन होते है,

वनवारी मिल जाये हम को चरणों में स्थान तेरा जयकारा है,

शीश के दानी महाबल वाणी खाटू वाले श्याम तेरा जय कारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।