मुझको भी एक बार भुलाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझको भी एक बार भुलाना,

देखो मेरा दिल न दुखाना,

दर पे तेरे सांवरियां....

कैसा मेला लगता है,

मेले में तू सजता है,

मैं भी देखु सांवरिया दिल मेरा भी करता है,

श्याम कुंड में डुबकी लग्न मंदिर में जा लाइन लगाना दर पे तेरे सांवरिया ,

मुझको भी एक बार भुलाना,

देखो मेरा दिल न दुखाना,

मैं भी तेरा हु जोगी मुझपे किरपा कब होगी,

लवज देख मेरे सांवरिया मैं भी तेरा हु रोगी,.

छोड़ो अब तो मुझको रुलाना,

अब के फागुन में भुलवाना,

दर पे तेरे सांवरिया,

मुझको भी एक बार भुलाना,

देखो मेरा दिल न दुखाना,

श्याम ध्वजा फैलाते है,

पैदल चल के आते है,

करनी माता के मंदिर लीला तेरी गाते है,

रंग भरी होली का नजारा कहते है लगता है प्यारा दर पे तेरे सांवरिया,

मुझको भी एक बार भुलाना,

देखो मेरा दिल न दुखाना,

मेरे बिन होली कैसी मुझसे होली खेलो न,.

अंतु भगत कहे सांवरिया मुख पे रंग लगा लो न,

आया भगतो का ज़माना पवन को तुम भूल न जाना,

दर पे तेरे सांवरिया,

मुझको भी एक बार भुलाना,

देखो मेरा दिल न दुखाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।