बाबा मुझे संभालो बस आसरा है तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फर्याद कर रहा हु सुन ले तू दर्द मेरा,

बाबा मुझे संभालो बस आसरा है तेरा,

दुनिया न रास आये चारो तरफ अँधेरा,

बाबा मुझे संभालो बस आसरा है तेरा,

किस्मत मजबूर हुई है खुशिया तो दूर हुई है,

दिल का मैं हाल सुनाओ सुन ले मेरे सँवारे,

तुमसे है नाता जोड़ा दुनिया से रिश्ता तोडा,

बाबा मैं कुछ न छिपाऊं सुन ले मेरे सँवारे,

क्यों सितम हो रहा मेरा दिल रो रहा,

क्या खता हो गई,

काली अँधेरी रातो को करदो न अब सवीरा,

बाबा मुझे संभालो बस आसरा है तेरा,

तुझपे विश्वाश करे दिल तेरी ही आस करे दिल,

तू ही समजे गा मुश्किल सुन ले मेरे सँवारे,

आंखे तो बहती जाये किसको हम दर्द सुनाये,

तुझबीण हम दर्द न पाये सुन ले मेरे सँवारे,

सपने सच कर दे तू है यही अर्जु,

रस्ते खो गए,

आया तेरी शरण में हु चौकठ पे डाला डेरा,

बाबा मुझे संभालो बस आसरा है तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।