हाथ में उनके हाथ तो फिर डर काहे का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथ में उनके हाथ तो फिर डर काहे का,

श्याम बाबा है मेरे साथ तो फिर दर काहे का,

श्याम के दर पे जो जाए झोली भर के आये देखो,

मैं तो बाबा की दीवानी सब से होक मैं बेगानी,

कितनी हसी है ये रात तो फिर डर काहे का,

श्याम बाबा है मेरे साथ तो फिर दर काहे का,

जब से मिला है मुझको बाबा दिल को स्वर्ग बनाया तूने,

सबने है मुझको है अपनाया मुझको सीने से लगाया,

मेरी पल में बना दी बिगड़ी बात,

श्याम बाबा है मेरे साथ तो फिर दर काहे का,

आन पड़ी हु दर पे तुम्हारे जाऊ गी न खाली,

मैंने तुझको है पुकारा मुझको तेरा है सहारा,

तेरे दर पे उठाये मैंने हाथ तो फिर दर काहे का,

श्याम बाबा है मेरे साथ तो फिर दर काहे का,

भक्तो का यु मेला लगा है बाबा तेरे द्वारे दवारे,

तुझको सजाये दुहला बनाये श्याम श्याम सवारे गये,

तेरी सूरत है सुहानी सारि दुनिया है दीवानी देखो मोर छड़ी है मेरे साथ तो फिर डर काहे का

श्याम बाबा है मेरे साथ तो फिर दर काहे का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।