मेरो श्याम धणी बिक जावै सै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धर्म कर्म में लगा जन्म क्यों भटके रेत में,

मेरा श्याम धनि मिट जावे से भगता के हेत में,

रुके से भी रुक न पावे नंगे पग आ जावे से,

भक्ता की खातिर की से की कर जावे से,

पल पल की यु खबर रखे रेहवे है चेत में,

मेरो श्याम धणी बिक जावै सै......

भूल चूक की माफ़ी देवे जी भर के एहने प्यार करे,

मजधारा में अटकी नैया मन माझी यो पार करे,

सांवरिया से कह दे दिल की जो हॉवे ठेठ में,

मेरो श्याम धणी बिक जावै सै

सांवरिया ने सौंप दे चिंता काहे को तू रो रेया से,

दुनिया की इस चखा चौंक में क्यों तू मोहित खो रहा से,

खुश हो जावे इक पल में आंसू की हेठ में,

मेरो श्याम धणी बिक जावै सै

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।