चरणों में अपने रहने दे मुझको

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चरणों में अपने रहने दे मुझको,

येही तमना मेरी है,

दुनिया ने ठुकराया मुझको तेरी शरण में आया हु,

अब तो बना दे बिगड़ा नसीबा,

ये तो बता क्या तेरी है,

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं

कैसे कैसे खेली रचाए,

अशुवन से तूने दीप जलाये,

मेरे भी घर में कर दे उजाला,

तुझसे विनती मेरी है,

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं,

ॐ साईं जय जय साईं सतगुरु साईं साईं साईं साईं साईं,

दोलत क्या है मन का धोखा,

दोलत ने मुझको था रोका

जब से मिला है साईं सहारा,

साईं दुनिया मेरी है,

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं

लक्ष्मी को तूने माया दी है कोडी को तूने काया दी है,

तेरी महिमा तू ही जाने कैसी हीरा फेरी है,

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं,

हमसर भी है तेरा भिखारी तू मेरा साईं मैं हु पुजारी,

करता है गुणगान तुम्हारा कैसी किस्मत मेरी है,

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।