गूँजे सदा जयकार भोले तेरे भवन मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गूँजे सदा जयकार ho भोले तेरे भवन मे-2

बेलपत्र और गंगाजल से-2

भक्ति भाव से पुजा कर ले

तारेंगे भव से पार, हो चलो शिव के शरण मे

गूँजे सदा जयकार ओ भोले तेरे भवन मे

शिव का ध्यान करे मन निर्मल -2

शिव भक्ति है पुनयो का फल

करते है भोले निवास, हो अपने भक्तो के मन मे

गूँजे सदा जयकार ओ भोले तेरे भवन मे

संकट से शिव सदा उभारें -2

दर्शन देकर भाग सवारे

भोले की महिमा अपार, हो हम गाएं सब मिलकर

गूँजे सदा जयकार ओ भोले तेरे भवन मे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।