खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है सारी दुनिया में सबसे लाजवाब है,

पूरा करता हर भगतो के वो खवाब क्या गुलाब है लाजवाब है,

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है..........

कोई बोले नाव का माजी कोई हारे का सहारा,

कोई बोले भाई मेरा है कोई बोले बाबुल प्यारा,

क्या लिखू तू तो पूरी एक किताब है,

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है

बांजन के पले झुलाये अंधे को दर्श कराये,

लूले बी ताली भजे लंगड़े भी निशान चढ़ाये,

इस की किरपा का कोई न हिसाब है क्या गुलाब है लाजवाब है,

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है...

इसकी खुसबू से देखो सारी दुनिया है महक ती,

जो शरण में तेरी आये किरपा उनपे है बरसाती,

बदले किस्मत की रेखा जो ख़राब है,

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है

जो शीश दान दे डाले बोलो क्या नहीं दे सकता,

इस लिए तो बीच बजरिया तेरा श्याम यही है कहता,

दुनिया में तुमसे बड़ा न कोई नवाब है,

खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।