दिल बहलता है मेरा श्याम के भजनों से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धन से दौलत से न हीरो से,

दिल बहुलता है मेरा ,

श्याम के भजनों से,

सोने से जेवर से न रत्नों से,

सोने से जेवर से न रत्नों से,

दिल बहलता है मेरा ,

श्याम के भजनों से,

बंगले से न गाड़ी से न मोटर से,

दिल बहलता है मेरा,

श्याम के भजनों से ,

श्याम के भजनों से ,

पिज़्ज़ा से न बर्गर से न डोसे से,

दिल बहलता है मेरा ,

श्याम के भजनों से ,

श्याम के भजनों से ,

मोबाइल से न ट्व से न ऐसी से ,

दिल बहलता है मेरा,

श्याम के भजनों से ,

श्याम के भजनों से ,

सेंट्रो से हुंडई से न मारुति से,

दिल बहलता है मेरा,

श्याम के भजनों से ,

श्याम के भजनों से ,

घूमने से न फिरने से न मस्ती से,

दिल बहलता है मेरा,

श्याम के भजनों से ,

श्याम के भजनों से ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।