मैं दीवानी मीरा तेरी तू मेरा घनश्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

मैं दीवानी मीरा तेरी तू मेरा घनश्याम,

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

सुध भुध अपनी मैं खो बैठी,

पी मेरे मैं तेरी हो बैठी,

अपनी मुझको होश नहीं है,

पीलिया नाम का जाम,

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

कोई ढूंढे मथुरा मथुरा,

कोई ढूंढे काशी काशी,

मैंने मन में ढूंढ लिया है,

तू ही मेरा राम,

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

रंग में तेरे डूब के जीना,

ज़हर प्याला हस के पीना,

तू चाहे जिस हाल में रखे मैं तेरी बदनाम,

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

तड़प रही है बरस रही है,

प्रीत को आंखे तरस रही है,

रह न होंगे पी के दर्शन मन को मिले आराम,

हाथो की लकीरो में शामिल भी तेरा नाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।