श्याम हारे को साथी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दूज को चाँद बनियो है बाबो ,

मुलन्क मुलन्क मुस्कावे है,

आयो जन्म दिन श्याम धनि को माहरो मन हरषाये है,

अरे रे मेरो श्याम लियो अवतार श्याम हारे को साथी है,

सब मंगल गीत सुनवाओ बाबा ने खूब सजावो,

ग्यारस की रात लगा कर बारस ने भोग लगावो,

जो भी हार के खाटू आवे,

यो साथी बन जावे है,

आयो जन्म दिन श्याम धनि को माहरो मन हरषाये है,

भक्ता के दिल की धड़कन यो एहलवती को लालो,

कलयुग को है अवतारी माहरो बाबो खाटू वालो,

दुनिया में दुःख में धोखा मिल सी यो सीना सुले में टालो है,

आयो जन्म दिन श्याम धनि को माहरो मन हरषाये है,

सब झूमे नाचे गावे नीलम है भजन है सुनावे,

यु श्याम रंग है सांचो बाबा के रंग रंग जावे,

सोनी जद भी मण्डो रोवे यो हस कर बतलावे है,

आयो जन्म दिन श्याम धनि को माहरो मन हरषाये है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।