मुझे मेरे अंसुवन से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मेरे अंसुवन से तुम्हारी पाँव धोने दो,

श्याम इन पावन चरणों से लिपट कर मुझे रोने दो,

मुझे मेरे अंसुवन से...

जो पकड़ा हाथ मेरा ये तुम्हारी रेहमत है बाबा,

दिया है आसरा मुझको तुम्हारी चाहत है बाबा,

करो इतना रेहम मुझपे तेरी चौकठ पे सोने दो,

श्याम इन पावन चरणों से लिपट कर मुझे रोने दो,

मुझे मेरे अंसुवन से...

राहु जो दूर तुजसे तो मेरी धड़कन ही रुक जाए,

तुम्हारी रुब रूह रह के मेरे दिल को करार आये,

तेरी इस प्यारी सूरत पे मुझे कुछ देर खोने दे,

श्याम इन पावन चरणों से लिपट कर मुझे रोने दो,

मुझे मेरे अंसुवन से...

हमारी प्रीत का बंधन कभी टूटे नहीं बाबा,

कहे चोखानी तू हम से कभी रूठे नहीं बाबा,

अगर मैं पागल हो जाऊ मुझे तुम पागल होने दो,

श्याम इन पावन चरणों से लिपट कर मुझे रोने दो,

मुझे मेरे अंसुवन से...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।