लहरे निशान चारो दिशा में सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लहरे निशान चारो दिशा में सांवरिया,

चलो खाटू के नगर वो सुहानी सी डगर जरा देखो तो देखो तो,

हे प्रेमी जरा जय श्री श्याम बोलो सुबह शाम हो,

खुश हो जायेगे मेरे बाबा सुन कर अपना नाम हो,

बाबा के छवि मन को भाये,

जैसे चंदा चकोर हो,

तेरा मेरा बरसो का नाता है सांवरिया,

चलो खाटू के नगर वो सुहानी सी डगर जरा देखो तो देखो तो,

पेटे पलानियाँ कोई जाए प्रेमी कोई जाए नंगे पाँव हो,

लेके निशान हाथो में उठा के चलते श्याम क गांव,

धरती झूमे अम्बर झूमे झूमे सारे जहां,

मन हरषाये झूमे नाचे रे टाबरियां,

चलो खाटू के नगर वो सुहानी सी डगर जरा देखो तो देखो तो,

श्याम कुंड में डुबकी लगा लो बहे गंगा की धार,

भर कर अंजलि में अमृत को कर जीवन उधर हो,

इतर की खुसबू से है महके,

सारा खाटू धाम,

हारा का सहारा बने श्याम सांवरियां,

चलो खाटू के नगर वो सुहानी सी डगर जरा देखो तो देखो तो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।