गौ सेवा में थोङा लगा ले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे॥

झूठी जग की माया प्रभु का ही सच्चा नाम।

गौ माता की सेवा ही सबसे बढ़कर काम है।

गौ माता की सेवा से खुश होते भगवान रे॥

गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….

मोटर बग्घी बंगला न साथ तेरे जा पाएँगे।

सखा भ्रात सुत नाती इस धन को व्यर्थ गवाएंगे।

इस दौलत को प्यारे तूँ क्यों करता बेकार रे॥

गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….

न साथ में कुछ तूँ लाया, न साथ में कुछ ले जायेगा।

मुट्ठी बांधे आया है ओर हाथ पसारे जायेगा।

पूंछ पकङकर गौ की कर वैतरणी पार रे॥

गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….

जनम मनुष्य का पाया, नेक काम कोई तूं कर ले।

कहता है ये गौ प्रेमी, तू नेह गऊ से कर ले।

गौ माता की सेवा से भरते हैं भण्डार रे॥

गौ सेवा में थोङा लगा ले प्राणी ध्यान रे….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।