गोमाता की सेवा करना हर हिन्दू का कर्म है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोमाता की सेवा करना हर हिन्दू का कर्म है,

गोमाता की रक्षा करना हर हिन्दू का धर्म है,

सूखे तिनके खाकर भी जो दूध सभीको देती है,

शाकाहारी मूक बेचारी जो दे दो खा लेती है,

बछडोंका हमें दूध पिलाती ये दिलकी कितनी नर्म है,

बूढी और लाचारी गैया निशदिन काटी जाती है,

जीवन भर अमृत पिलवाती कैसी गति वो पाती है

भारत हिन्दू देशमे होता ये कैसा अधर्म है,

हिन्दू एकता और शक्ति का गोमाता ही प्रतिक है,

राष्ट्र चिन्ह इसको बनवाओ बात ये बिलकुल ठीक है,

खून हमाराभी ठण्डा नहीं बतला दो ये गर्म है,

हर नगर गाँव और देशमे गोशालाये बनवाओ,

हिन्दुओ की माताओको खुले आम ना कटवाओ

जागो हिन्दू भाई बहनो बची अगर कुछ शर्म है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।