गाये माता है हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सोगन्द है ये माँ को माँ का दियाले गए अधिकार,

आज नहीं तो कल बोले गा सारा संसार,

गाये माता है हमारी,

बस इतना ही समज में आता मेरे तो है दो दो माता,

बिन गौ माँ के सुना सुना रहता हर परिवार,

आज नहीं तो कल बोले गा सारा संसार,

गाये माता है हमारी,

साथो जन्म ना उतरे ऐसा कर्ज है,

माँ की सेवा करना बेटो का फर्ज है,

थोड़ी सी सेवा करले तू भी ले जन्म सुधार,

आज नहीं तो कल बोले गा सारा संसार,

गाये माता है हमारी,

गौ माँ को घायल होने ना देंगे,

एक आंख भी अब रोने ना देंगे,

क्यों की गौ माता की सेवा में देंगे ये जनम सवार,

गाये माता है हमारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।