दशा देख गौ माता की मने रोना आवे रे,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ रे हिन्दू तने लाज न आवे रे,

दशा देख गौ माता की मने रोना आवे रे,

हो रे हिन्दू तने लाज ना आवे रे,

सुनो बताओ गौ माता ने कैसा मारा जाता है,

चार दीना तक भूखी रख उल्टा लटकाया जाता है,

चला के चुरा गौ माता का खून निकला जाता है,

ओ दया क्यों ना आवे,

ओ रे हिन्दू तने लाज न आवे रे.....

होये भला उन गौ भक्त का एम्बुलेंस चलावे से,

घायल गौ माता को लेकर हॉस्पिटल पोहनचावे रे,

करके सेवा गौ माता की बहुत घना सुख पावे से,

ओ रे जीवन सफल बनावे रे,

ओ रे हिन्दू तने लाज न आवे रे,

होये भला उन गौ पुतरा का राति पहरा लावे से,

खाकर गोली सीने पे वो ट्रैकर ने पकडावे रे,

गौ माता के खातिर देखो जान की बाजी लावे रे,

ओ गौ के लाल कहावे रे

ओ रे हिन्दू तने लाज न आवे रे,

गौ माता बचानी है तो गोपे घी आजमाओ रे,

करके गोबर की खाद को खेती में आजमाओ रे,

भारत की भूमि में हीरा मोती उपजाऊ रे,

ओ प्रतीक की समजावे रे,

दशा देख गौ माता की मने रोना आवे रे,

हो रे हिन्दू तने लाज ना आवे रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।