भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा,

दास हु तेरे चरणों का,

तू ही मेरा सच्चा साथी तू ही एक सहारा है,

सारे जग की ठोकर खा के पाया प्यार तुम्हारा है,

भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा,

दास हु तेरे चरणों का,

सेवा मुझसे लेते रहना,दर्शन देते रहना,

तेरा बन के तुझको रिजाऊ दुनिया से क्या लेना,

भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा,

दास हु तेरे चरणों का,

जब भी रोउ दिल को खोलू सूद मेरी ले लेना,

हाथ मेरा तू थामे हुए है,इतना इशारा दे देना ,

भूलू न भूलू न मैं कभी नाम तुम्हारा,

दास हु तेरे चरणों का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।