श्री श्याम स्तुति

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैनन में काजल घले, होठों पे मुस्कान,

छवि अनूठी श्याम की, दर्शन से कल्याण,

चर्चा बाबा श्याम की, फ़ैली आठों याम,

श्याम धणी के द्वार पर, बनते बिगड़े काम,

मितवा मन को श्याम में, ऐसे लो लगाय,

कण कण में इस जगत के, श्याम नजर आ जाए,

लीला घोड़ा श्याम का, सपने में जो आए,

मन मंदिर में, श्याम के दर्शन भी हो जाए,

दाल बाटी संग चूरमा, लगे जो थारे भोग,

बाबा थारी किरपा से, मिट जावे सब रोग,

दुनिया बैरन हो गयी, श्याम ही मेरा यार,

मेरी बस एक आह पर, दौड़े लखदातार ,

खाली है झोली मेरी, दूर है तेरो धाम,

श्याम भजन में करता हूँ, श्याम नाम रसपान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।